Day 1: आगमन और गंगा घाट अनुभव

⬛ सुबह
- वाराणसी पहुँचें (रेल, रोड या एयर)।
- होटल में चेक-इन करें और हल्का नाश्ता करें।
- आराम के बाद गंगा घाट की ओर प्रस्थान।
⬛ दोपहर
- दशाश्वमेध घाट और असी घाट पर भ्रमण।
- घाट पर गंगा स्नान करें और स्थानीय जीवन देखें।
⬛ शाम
- गंगा आरती (हरिद्वार की तरह घाट पर) में शामिल हों।
- घाटों के किनारे प्रार्थना और दीप जलाएं।
⬛ रात
- घाट के पास स्थानीय भोजन करें (पान, लिट्टी, चाट)।
- होटल में विश्राम।
Day 2: मंदिर दर्शन और सांस्कृतिक अनुभव
⬛ सुबह
- सूर्योदय के समय गंगा घाट पर नाव यात्रा।
- नाव से मणिकर्णिका घाट, हरिश्चंद्र घाट देखें।
- घाटों से सूर्य उदय का दृश्य लें।
⬛ दोपहर
- काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन।
- अन्नपूर्णा देवी मंदिर का दर्शन।
- काल भैरव मंदिर की पूजा।
⬛ शाम
- गंगा आरती में पुनः शामिल हों।
- स्थानीय बाजारों में बनारसी साड़ी और हस्तकला खरीदारी।
⬛ रात
- वाराणसी के स्ट्रीट फूड (कचौरी, रसगुल्ला) का स्वाद लें।
- होटल में विश्राम।
Day 3: सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल
⬛ सुबह
- सारनाथ भ्रमण (बुद्ध का धर्म स्थल)।
- रामनगर किला और संग्रहालय देखें।
⬛ दोपहर
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) भ्रमण।
- स्थानीय मंदिर और घाटों में छोटा दर्शन।
⬛ शाम
- असी घाट या दशाश्वमेध घाट पर अंतिम दर्शन और पूजा।
- यदि समय हो तो स्थानीय संगीत या नृत्य कार्यक्रम देखें।
⬛ रात
- वापसी की तैयारी।
- होटल से चेक-आउट और वापसी।
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🌟 यात्रा के टिप्स
- समय: अक्टूबर–मार्च (सर्दियों में यात्रा उपयुक्त)।
- पहनावा: साफ-सुथरे कपड़े, विशेषकर मंदिर और घाट भ्रमण के लिए।
- सुरक्षा: घाट और नाव यात्रा में सावधानी।
- स्थानीय अनुभव: गंगा स्नान, आरती, बनारसी शिल्प और भोजन।
- धार्मिक नियम: मंदिरों में जूते बाहर रखें और पूजा विधि का सम्मान करें।